what is seo (search engine optimization) - Hindi में जानकारी - Web India Crown - Hindi blog

what is seo (search engine optimization) - Hindi में जानकारी

Share This
what is SEO?

ऊपर title देख कर novice blogger विचार करते है ये क्या नया है उसे जरूर नया लगते होंगे but, regular blogger तो जानते है, ये जरुरी है.

आप जानते है की दिन में कितने ब्लॉग प्रकाशित होते है No ideas.

मेरे अनुमान पर 6 लाख से ज्यादा, ये numeral only blogger ही शामिल नहीं सभी मंच से ब्लॉग प्रकाशित शामिल है.

में आपको दूसरे words में कहु तो जब आप इन पांच वाक्यों को पढ़ते है, तो उपयोगकर्ताओं ने 2145 ब्लॉग पोस्ट प्रकाशित कर चुके है ये संख्या अपने दिमांग में सही साबित न करें आपको समझाने के लिए मैंने न्यूनतम धारणा की है उससे अधिक भी हो सकता है.

इतनी संख्या में आपने सोचना होगा की ब्लॉग को कैसे प्रबंधन करना तब यहाँ SEO का नाम लिया जाता है ये संख्या में अपने ब्लॉग को search engine में कैसे first पर rank कराए.

जब मैं अपना ब्लॉग पोस्ट लिखने में 3-4 घंटे खर्च करता हूं, हर पोस्ट में 10 मिनट का अनुकूलन आसानी से सबसे महत्वपूर्ण होता है.

यहाँ SEO का अर्थ ये नहीं एक पोस्ट के लिए अलग से पोस्ट लिखना जरुरी है कुछ optimize करने की आवश्यकता है तो बस मैं इस पोस्ट में SEO के बारे जानकारी पेस्ट कर रहा हु की आप आसानी से समझ सके.

SEO क्या है?

SEO का पूरा नाम खोज इंजन अनुकूलन है, एसईओ का काम खोज इंजन के लिए वेबसाइट के अनुकूलन और आपके आगंतुक के अनुसार डेटा प्रदान करने पर काम करना है.

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से आप अपनी वेबसाइट "natural", "organic", और "earned" पर ट्रैफ़िक की मात्रा बढ़ा सकते है इसके अलावा, उपयोगकर्ता की गुणवत्ता लाने, तेज और उनकी वेबसाइटों की गुणवत्ता में वृद्धि करना आसान है.

दुनिया में सबसे बड़ा और लोकप्रिय खोज इंजन Yahoo, Bing, Yandex, Ask, Goo, Sogou आदि के अलावा Google है. ये तो जरूर जानते है.

यह व्यवसाय के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि कोई अच्छा एसईओ नहीं है तो आपको रैंक नहीं मिलता तो ट्रैफिक नहीं आ रही, अब आय कैसे बढ़ाया जा सकता है?

यह एसईओ का लक्ष्य एक वेब पेज उच्च खोज इंजन रैंकिंग प्राप्त करना है जब SEO की बात आती है तो आप, खोज इंजन पर खोजकर्ता के रूप में Pizza खोजते है तो आप खोज इंजन चाहते हैं कि इसे "Domino's Pizza" phrase की खोज करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए शीर्ष परिणाम के रूप में दिखाए देंगे.

SEO kya hai?

एसईओ जादू है जिसे आपको अपने लेख पर काम करता है ताकि Google को अपने पोस्ट को शीर्ष परिणामों में से एक को शामिल करने की संभावना बढ़ती है जब भी कोई उस कीवर्ड की खोज करता है तब.

एसईओ के लिए संबंधित वेबसाइट आपकी वेबसाइट से चुने गए है, ये कीवर्ड उस वेबसाइट से संबंधित है और आप उस खोज इंजन में अच्छी तरह से रैंक करना चाहते है.

तो आप अपने ब्लॉग के खोज इंजन में एसईओ द्वारा प्रथम रैंक प्राप्त करना चाहते है, तो ये चीजें आवश्यक है, SEO को सरल भाषा में समझ के लिए दो portion में बेचा गया है on-page SEO और off-page SEO. ये दोनों SEO के साथ relation है उसे समझ ने के short अनुच्छेद के रूप में नीचे समझाया गया है.

On-Page-SEO and Off-Page-SEO

SEO की दो व्यापक श्रेणियां हैं: ऑन-पेज एसईओ और ऑफ-पेज एसईओ.

1.  on-page-seo:

On-page SEO आपकी वेबसाइट के विभिन्न भागों को अनुकूलित करने का कार्य है जो आपके खोज इंजन रैंकिंग को प्रभावित करता है तो यह वह सामग्री है जो आपके पास है और आप इसे अपनी वेबसाइट पर बदल सकते है आप नीचे words की सूची जरूर जानते होंगे जो ब्लॉग बनाने में किया था.
  • Title Tags 
  • Meta Description 
  • URL Structure 
  • Headings (H2) 
  • Alt Text for Images 
  • Fast-Loading Website 
  • Page Content 
  • Internal Linking 
  • Mobile Friendly 
Title Tags: यह महत्वपूर्ण पृष्ठ एसईओ कारक है क्योंकि इसका कारण यह है कि आपका शीर्षक अधिक आकर्षक और अनुकूल है तो आपका शीर्षक पर अधिक क्लिक होगा. आपकी पोस्ट जितने क्लिक होगा उतना ही rank प्राप्त होगा इसलिए अपना शीर्षक unique और 60 characters से अंदर रखे. Title tag को H1 tag भी कहा जाता है.

Meta Description: Meta description आपके मेटा टैग के अंदर एक विशेषता है जो आपके पृष्ठ को समझाने में मदद करता है उसके बिना search engine में rank करना और खोजना कठिनाइ है, Meta description ये search engine में title के निचे दिखाई देता है.

SEO के लिए Meta description 275 characters में लिखा जाता है उससे अधिक लिखने में page Index होने में time लग सकता है इसलिए 275 characters में और अनूठा लिखे.

URL Structure: URL structure को हम permalink भी कहते है ये title के नीचे दिखने मिलता है अपने domain और Page title tag का मिश्रण है ये भी SEO friendly और 22 से 35 characters होना चाहिए. आप देखे नीचे ScreenShot में तीन की relationship.

title meta descriptions and url structure

Headings(H2): आपको विभिन्न शीर्षक, sub-headings और महत्वपूर्ण बिंदुओं को हाइलाइट करने के लिए शीर्षक टैग का उपयोग करना चाहिए. ब्लॉगर पर H1 tag को set करना जरुरी नहीं ये allready set किया हुवा है आपको only H2 tag का चुनना जरुरी है. ये पेज में first heading के रूप में H2 tag का उपयोग किया जाता है और SEO के लिए आवश्यकता है.

Headings(H2)

Alt Text for Images: ये image के लिए एक उसे related नाम Alt tag द्वारा दिया जाता है अगर आप नहीं करते तो Google को crawler time पे नहीं समझ सकते ये क्या है इसलिए text लिखा जाता है Atl text for Image को Image properties भी कहा जाता है जब image पर click करने के नीचे हेडिंग लाइन में blue text में अलग विकल्प में से Properties नाम विकल्प में second Atl text options present है वहा से अपने image related text दर्ज कर सकते है. ये भी image search engine पर खोज सकते है जो सही SEO Atl text चुना है तो.

Alt Text for Images

Fast-Loading Website:किसी को wait करना पसंद नहीं अगर आपकी साइट speed कम है तो ये visitor और search engine पर bad effect पड सकती है themes ऐसी यूज़ करे ज्यादा widgets न हो और दो से पांच second में पूरी site load ले सके साथ में पोस्ट image साइज (11 से 46 KB के बिच में) कम रखे.

Fast-Loading Website

Page contant: Contant को king कहा जाता है एक पृष्ठ की सामग्री यह है कि वह खोज परिणाम की स्थिति के योग्य बनाती है अच्छी सामग्री बनाना महत्वपूर्ण है, always अपने दिमाग से लिखना चाहिए और नहीं copy-paste करनी चाहिए. आप जो अभी ये post पढ रहे है एक page Contant कहा जाता है.

Internal Linking: ये लिंक वो होती है अपने साइट की लिंक एक दूसरे पोस्ट में link किया गया उने internal linking कहते है इसे बजाय visitor ASD (average session duration) पर टाइम में बदलाव आता है ये भी bounce rate भी कम होता है और ट्रैफिक बढ़ती साथ में फिर से visitor अपनी साइट पर आने के बारे में विचार करते है.

Internal Linking for SEO

Mobile Friendly: आपका blog Mobile friendly नहीं तो कभी search engine में first rank पर नहीं ला सकते अगर आप अपने site को Mobile friendly site बनाना चाहते है तो Themes paid version में यूज़ करना रखे पूरी तरह से SEO friendly होते है online पर कई template provider है जो 6 से $30 आसपास sell कर रहे.

Mobile Friendly for SEO

On-page SEO सुनिश्चित करता है कि आपकी साइट को potential ग्राहकों और खोज इंजन robot दोनों के द्वारा पढ़ा जा सकता है Page पर अच्छा एसईओ के साथ, खोज इंजन आसानी से अपने web pages को Inform कर सकते है.

समझ सकते है कि आपकी साइट किस बारे में है, और अपनी वेबसाइट की structure और content आसानी से positive करें आपकी साइट को रैंकिंग के अनुसार. अब आप आसानी से समझ गए है की on-page वेबसाइट पर क्या सुधार करने की आवश्यकता है.

ऊपर देखा सूची में Title, Meta Description, URL Structure और Page Content Unique रखना अधिक महत्वपूर्ण है कुछ लोग है जो अपनी website में दूसरे ब्लॉग से Content कॉपी-पेस्ट करते है और Title Description, URL ये अपने दिमाग से लिखते है ये search engine में rank नहीं कर सकते rank कराने के लिए अद्वितीय सामग्री की जरूत है.

2.  off-page-seo:

Off-site-SEO खोज इंजन परिणाम पृष्ठों में आपकी रैंकिंग को प्रभावित करने के लिए आपकी अपनी वेबसाइट के बाहर की गई कार्रवाइयां ऐसा अर्थ है. या दूसरे अर्थ ऑफ़-पेज एसईओ अन्य दस्तावेजों के लिंक प्राप्त करके अपने डोमेन के Authorization को बढ़ाने पर केंद्रित है.

Off-page-SEO आपकी वेबसाइट की पूर्ण "Authenticity" को दर्शाता है "ऑफ-पेज एसईओ" सभी गतिविधियों को Referenced करता है जो कि आप और अन्य आपकी वेबसाइट से अपनी खोज इंजन रैंकिंग बढ़ाने के लिए कर रहे है.

आप एक नीचे सूची पर मुख्य 10 term देखे ताकी आप आसानी से समझ सके. ये off-page-SEO के साथ संलग्न है.
  • Authority
  • Bounce rate 
  • Domain age 
  • Backlink 
  • Social Media
  • Question & Answer Platform
  • Commenting
  • Broken Link Building
  • Use Forum
Authority: ये Domain authority है यहा हम short में DA कहते है जिसका मुख्य उद्देश्य है website को 1-100 के अंदर रेटिंग देना DA SEO का महत्पूर्ण factor है website को दर्शाते की search engine पर कितने अच्छे rank पर है.

Authority for SEO

DA rating जितना ज्यादा होगा उतना ही search engine में rank अच्छा होगा. आपके मन में सवाल ये होंगे की DA rating कैसे बढ़ते है On-page SEO, High-Quality Links, Domain age ये तीन चीज़ें DA Score बदलाव करते है. अगर आप जानने की जरूरत है अपना DA score कितना है यहा पर क्लिक करे और अपने website url दर्ज करके check करें.

Bounce rate: आपकी बाउंस दर केवल यह है कि कितनी जल्दी लोग फिर से जाने से पहले आपकी साइट पर केवल एक पृष्ठ देखते है दूसरे शब्द में कहे तो visitor आपकी साइट पर एक समय में केवल एक पृष्ठ देखकर कहीं और चले जाते है.

Bounce rate for SEO

आप अपने Bounce rate देखने के लिए google analytics पर जाये और Audience > Overview पर देखे कितना है Bounce rate और 50% से अधिक है तो SEO में बदलाव लाना चाहिए, उसे कम करने पर विचार करना पड़ता है इसे कम करने के लिए web design, loding speed, commenting जैसे On-page प्रणाली सुधार ने की जरूरत है.

Domain age: ये जाना था authority में domain age वो है जो अपना डोमेन कितना पुराना है जितना पुराना उतना अधिक search engine में rank करने में मदद करता है. यहा क्लिक करें domain age check करने के लिए.

Domain age

Backlink: ये एक external लिंक है वे एसईओ का केवल एक हिस्सा है बैकलिंक्स उने कहा जाता है एक site से दूसरी site पर मार्ग बनाते है. Backlink दो types के है DoFollow Backlink और NoFollow Backlink.

Geust Posting: ये एक अतिथि पोस्ट है जो ब्लॉगों के मालिकों द्वारा उनकी साइटों पर ट्रैफ़िक बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है वे अतिथि ब्लॉगर्स को अपने अन्य ब्लॉगर के साथ डील करके एक दूसरे अपने blog पोस्ट लिकते है और publish करते है बदले में, उन्हें अपने ब्लॉग पर एक लिंक मिलती है उसे हम Backlink भी कहते है. ये traffic बढ़ने में मदद करते है.

Social Media: सोशल मीडिया प्लेटफार्म अपनी वेबसाइट के विश्वास और शक्ति के निर्माण के लिए सबसे अच्छा संसाधन है. आप लोगों के साथ जुड़ सकते हैं और अपनी सामग्री को एक बहु-सोशल मीडिया नेटवर्क पर साझा कर सकते है.

Google वेबसाइट रैंकिंग की अवधि के लिए सामाजिक संकेत भी चुनता है.

यदि आप सोशल मीडिया साइटों पर सक्रिय नहीं है, तो आपको अपने स्थान से संबंधित एक समुदाय बनाना चाहिए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बहुत सारी सामग्री साझा करके और कई ट्रैफ़िक ला सकते है.

Question & Answer Platform: क्या आप प्रश्न और उत्तर वेबसाइटों के साथ सक्रिय हैं? शायद आप नहीं जानते, आप Quora और Yahoo उत्तर जैसी वेबसाइटों पर सवालों के जवाब देकर कई ट्रैफिक और बैकलिंक्स प्राप्त कर सकते है.

ये विशाल ऑनलाइन समुदायों के समूह है और हर स्थान में कई लोग जो दैनिक समस्याओं पर अपनी समस्याएं पूछते है.

इसलिए आपके पास अपनी विशिष्ट समस्या को हल करने और अपने ब्लॉग को अपने दैनिक ब्लॉग रीडर में बदलने का एक शानदार अवसर है.

Commenting: ब्लॉग पर टिप्पणी करने की आदत रखने से ऑफ पेज एसईओ के लिए बहुत अच्छा अभ्यास है और ब्लॉग पर टिप्पणी करने के कई फायदे है. आप यह विश्लेषण कर सकते हैं कि कौन से आम प्रश्न हैं जो लोग सबसे ज्यादा पूछ रहे है. यह आपको बैकलिंक बनाने और आपकी ब्रांड जागरूकता फैलाने में भी मदद करेगी.

Broken Link Building: "खोजशब्द + संसाधन" के लिए Google खोजें और प्रत्येक परिणाम के माध्यम से क्लिक करें और पता करें कि संसाधन पृष्ठ पर broken हुई link कहां है. यह ऑफ़-पेज एसईओ तकनीक आपको आपके ब्लॉग पर सही ट्रैफ़िक प्राप्त करने में मदद करेगी.

Broken Link Building

Use Forum: फोरम या वेब के चारों ओर के समुदायों को आपके ऑफ पेज एसईओ अभ्यास को बढ़ावा देने के लिए महान स्रोत है फ़ोरम के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उच्च गुणवत्ता वाले पश्च प्राप्त करने का एक शानदार तरीका है.

यदि कोई प्लेटफ़ॉर्म लिंक का पालन नहीं करता है, तो यह आपके ब्रांड जागरूकता के लिए और अधिक ट्रैफ़िक बनाने के लिए मंच का उपयोग करने के लिए अभी भी बेहतर है.

अब में अंत में कहु गा की SEO का mean SE का अर्थ Search Engine और O अर्थ है on-page and off-page-seo के द्वारा साइट को search engine पर rank करना के लिए Optimazation करना है अब एकदम आसान लग रहा है समज ने में है ना.

तो आप अब समज गए होंगे की SEO क्या है मुझे उम्मीद थी ये articles जरूर पसंद करोगे और आगे share करना न भूले.



No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad